चुनाव में हार के बाद लालू परिवार में आंतरिक कलह बढ़ती जा रही है. रोहिणी के बाद तीन और बेटियां भी दिल्ली रवाना हो गईं.

पटना: लालू प्रसाद यादव के परिवार में चल रहा आंतरिक कलह अब खुलकर सामने आ गया है. पहले रोहिणी आचार्य ने पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड वाला पैतृक आवास छोड़ा, अब उनकी तीन अन्य बहनें, रागिनी यादव, चंदा यादव और राजलक्ष्मी यादव भी अपने पति और बच्चों के साथ दिल्ली रवाना हो गईं.
तीनों बहनें पटना एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना: रविवार शाम पटना एयरपोर्ट पर रागिनी, चंदा और राजलक्ष्मी अपने-अपने पति और बच्चों के साथ दिल्ली जाने वाली फ्लाइट में सवार हुईं. तीनों ने मीडिया से कोई बात नहीं की और चुपचाप टर्मिनल की ओर चली गईं.

रोहिणी ने शुरू किया था बयानों का सिलसिला: इस पूरे प्रकरण की शुरुआत तब हुई जब रोहिणी आचार्य ने सबसे पहले 10 सर्कुलर रोड वाला घर छोड़ा. पटना एयरपोर्ट पर उन्होंने संजय यादव और रमीज पर तीखे आरोप लगाए थे. दिल्ली पहुंचने के बाद भी उन्होंने लगातार ट्वीट कर परिवार के अंदरूनी मामलों को सार्वजनिक किया. रोहिणी ने संजय यादव को पार्टी की हार का जिम्मेदार ठहराया था.

संजय यादव बने विवाद का केंद्र: चुनाव परिणाम आने के बाद से ही लालू परिवार के अधिकांश सदस्य संजय यादव को निशाना बना रहे हैं. तेज प्रताप यादव ने उन्हें इशारों-इशारों में ‘जयचंद’ कहते रहते हैं. रोहिणी आचार्य ने भी अपने बयान और ट्वीट में संजय यादव की रणनीति को RJD की करारी हार का कारण बताया. परिवार के ज्यादातर सदस्य यही मान रहे हैं कि संजय यादव की गलत सलाह की वजह से पार्टी को इतना बड़ा नुकसान हुआ.
तेजस्वी अब तक चुप, कोई बयान नहीं: जहां पूरा परिवार संजय यादव पर हमलावर है, वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अभी तक संजय यादव के पक्ष या विपक्ष में एक शब्द भी नहीं कहा है. इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या तेजस्वी अब भी संजय यादव पर भरोसा कायम रखेंगे या परिवार के दबाव में उन्हें अपनी टीम से बाहर का रास्ता दिखाएंगे. चुनाव के दौरान और परिणाम के बाद तक लालू आवास पर मौजूद सभी बेटियां और दामाद अब एक-एक कर पटना छोड़ रहे हैं.







