राबड़ी देवी को आवंटित होने के बाद 39 हार्डिंग रोड आवास चर्चा में है. इस आवास को लेकर कई अफवाह और अतिशयोक्ति है.
पटना: बिहार विधान परिषद की नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को आवंटित होने के बाद 39 हार्डिंग रोड आवास इन दिनों चर्चा है. इस आवास को लेकर कई कहानी है, जो आजतक किसी ने नहीं बतायी. कई लोगों का मानना है कि यह आवास राजनेताओं के लिए अनलकी है तो कई लोग इसे प्रेत-आत्मा का बसेरा कहते हैं. आइये जानते हैं क्या है इसके पीछे की कहानी..
सत्ता में आते ही सरकार के बदले तेवर: बिहार चुनाव रिजल्ट के बाद जैसे ही एनडीए सत्ता में आया सरकार के तेवर बदल गए हैं. वर्षों से राबड़ी देवी के कब्जे में 10 सर्कुलर रोड आवास को खाली कराने का नोटिस जारी हो चुका है. इसके बदले राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित आवास आवंटित किया गया है, लेकिन राजद नेता इसका विरोध कर रहे हैं. इसको लेकर लालू परिवार की ओर से कोई सहमति नहीं मिली है.
क्यों महत्वपूर्ण है यह आवास?: राजद नेता और कार्यकर्ताओं के लिए 10 सर्कुलर रोड आवास लैंडमार्क बन चुका है. नेता लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी या फिर तेजस्वी यादव से मिलने के लिए बेली रोड से सीधे 10 नंबर आवास आसानी से पहुंच जाते हैं. अब कार्यकर्ताओं को राबड़ी देवी से मिलने के लिए हार्डिंग रोड का रुख करना जो वर्तमान आवास से डेढ़ किमी दूर है.
लालू यादव का ठिकाना: 10 सर्कुलर रोड सरकारी बंगला कभी साधु यादव का आशियाना हुआ करता था, लेकिन बाद में जब राष्ट्रीय जनता दल की सत्ता चली गई और 2005 में नीतीश कुमार सत्ता में आए तब से लेकर आज तक राबड़ी देवी अपने पूरे परिवार के साथ 10 सर्कुलर रोड में रहती हैं. लालू प्रसाद यादव ने आवास को बड़े ही करीने से सजाने-संवारने का काम किया.
राजद नेताओं में नाराजगी: लालू प्रसाद यादव यहां गो पालन करने के साथ-साथ सब्जी उत्पादन भी करते हैं. लालू यादव रेल मंत्री रहते हुए भी इस आवास में रहते थे. लेकिन सरकार की कार्रवाई से राजद नेताओं ने विरोध के साथ-साथ नेताओं नाराजगी देखने को मिल रही है. राष्ट्रीय जनता दल प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के नेता दुर्भावना से प्रेरित होकर कार्रवाई कर रहे हैं.
“राबड़ी देवी लंबे समय से आवास में रह रही हैं. उनके नाम से 10 सर्कुलर रोड आवास आवंटित है. बिहार सरकार को चाहिए कि इस आवास को राबड़ी देवी के नाम से आवंटित कर दें. इसे राजनीति का विषय नहीं बनाना चाहिए. 39 हार्डिंग रोड आवास में राबड़ी देवी जाएंगे या नहीं, यह उन्हें तय करना है.” -एजाज अहमद, प्रवक्ता, राजद

नए आवास की खासियत: 39 हार्डिंग रोड सरकारी बंगला हज भवन के आसपास है. अतीत में कई चर्चित नेताओं का आशियाना रह चुका है. राष्ट्रीय जनता दल और महागठबंधन से जुड़े नेता भी रह चुके हैं. राजद के पूर्व मंत्री भूपेंद्र प्रसाद वर्मा मंत्री रहते हुए 39 हार्डिंग रोड में ही रहते थे.
इन नेताओं का बसेरा: इसके आलावे कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और बिहार सरकार के तत्कालीन मंत्री मदन मोहन झा भी इस बंगले में रहते थे. राष्ट्रीय जनता दल नेता और तत्कालीन कानून मंत्री शमीम अहमद का आशियाना भी 39 हार्डिंग रोड हुआ करता था.
बीजेपी नेताओं का बसेरा: राष्ट्रीय जनता दल को छोड़ दें तो एनडीए के नेता भी 39 हार्डिंग रोड में रहते आ रहे हैं. भाजपा के सीनियर लीडर और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री चंद्र मोहन राय भी इसी आवास में रहते थे. इसके बाद भाजपा नेता और तत्कालीन मंत्री विनोद नारायण झा और पूर्व भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री रामसूरत राय इस आवास में रह चुके हैं.

“बिहार सरकार ने नियम के मुताबिक बंगला आवंटित किया है. 39 हार्डिंग रोड आवास विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के नाम पर कर्णांकित है. राबड़ी देवी को उसी आवास में जाना चाहिए. महागठबंधन और एनडीए के कई नेता इसमें रह चुके हैं. उस आवास में जाने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए.” -प्रेम रंजन पटेल, प्रवक्ता, बीजेपी
नेताओं के लिए अनलकी आवास: 39 हार्डिंग रोड आवास के बारे में कहा जाता है कि जिस किसी को यह आवास मिला, वे राजनीति के क्षितिज पर चमक नहीं सके. उनका राजनीतिक कैरियर अवसान में चला गया. मंत्री के तौर पर जो भी बंगले में रहें, बाद में मंत्री बनने का अवसर नहीं मिला.
इनकी चमक धूंंधली: चमक चंद्र मोहन राय भाजपा के बड़े नेताओं में गिने जाते थे. बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे, लेकिन दोबारा उन्हें मंत्री बनने का अवसर नहीं मिला. उपेंद्र प्रसाद वर्मा और शमीम अहमद भी दोबारा मंत्री नहीं बन सके. भाजपा नेता रामसूरत राय भी बिहार सरकार में मंत्री थे, लेकिन इस बार उन्हें पार्टी ने टिकट भी नहीं दिया.

39 हार्डिंग रोड परिसर में मजार: 39 हार्डिंग रोड आवास में 6 कमरे सहित कई सुविधाएं हैं. इस में मजार भी है, जहां लोग नमाज पढ़ने के लिए आते हैं. रोड में रहने वाले नेता भी मजार का रखरखाव बड़े श्रद्धा के साथ करते हैं. हार्डिंग रोड के ठीक पीछे एक कब्रिस्तान है, इस्लाम धर्म से जुड़े लोगों के निधन पर दफनाया जाता है.

प्रेत-आत्मा की अफवाह: यहां के स्थानीय लोग कहते हैं कि आसपास में भूतों का बसेरा है. रतन देवी और अन्य महिला 39 हार्डिंग रोड आवास और कब्रिस्तान के बीच में रहती हैं. इनका मानना है कि जहां हम लोग रहते हैं, वहां प्रेत आत्मा का बसेरा है. कई बार हम लोगों को शिकार भी होना पड़ा है.
“शाम 7:00 से रात 2:00 बजे तक कई बाइक सवार दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं. बिना किसी टक्कर के नीचे गिर जाते हैं. कई बार भूत-प्रेत को महसूस भी किया है. आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है.” -रतन देवी, स्थानीय

आगे क्या होगा?: कुल मिलाकर गौर करें तो भूत-प्रेत अफवाह की कहानी भी हो सकती है. हालांकि नेताओं के करियर की बात करें तो यह एक संयोग भी हो सकता है, लेकिन फिलहाल यह आवास चर्चा का विषय बना हुआ है. अब देखना है कि इस ओर क्या फैसला होता है? फिलहाल राबड़ी देवी पुराने आवास में रह रही हैं.






