best news portal development company in india

नीतीश का CM बनना तय! गांधी मैदान में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह, PM मोदी भी होंगे शामिल

SHARE:

18 से 20 नवंबर के बीच बिहार में नई सरकार का गठन हो जाएगा. पीएम मोदी भी शपथ ग्रहण में शामिल होंगे. पढ़ें पूरी खबर.

बिहार में नई सरकार का गठन जल्द

पटना: एनडीए की प्रचंड जीत के बाद अब सरकार बनाने की कवायद शुरू हो गई है. पटना से लेकर दिल्ली तक बैठक का सिलसिला जारी है. सोमवार को जेडीयू विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नीतीश कुमार के नाम पर फैसला होगा. एनडीए के अन्य घटक दलों के विधायक दल की भी बैठक होगी. चिराग पासवान ने लोजपा (रामविलास) की बैठक कर ली है. एनडीए के पांचो घटक दल के बिहार के बड़े नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिल चुके हैं और सभी की तरफ से दावा किया गया है कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बनेंगे.

17 नवंबर को कैबिनेट की आखिरी बैठक: 17 नवंबर को कैबिनेट की बैठक भी हो सकती है और नीतीश सरकार की यह आखिरी बैठक होगी, इसमें सरकार को भंग करने का फैसला लिया जाएगा और फिर से नई सरकार गठन के लिए पहल शुरू होगी. जो जानकारी मिल रही है, उसके मताबिक गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और एनडीए के दिग्गज नेता भी इसमें शामिल होंगे. फिलहाल जेडीयू और बीजेपी के बड़े नेता दिल्ली में लगातार मंथन कर रहे हैं.

18 से 20 के बीच शपथ ग्रहण: जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद दिल्ली में हैं. जहां अमित शाह से उनकी मुलाकात हुई है. जेडीयू और एनडीए के घटक दल के विधायक दल की बैठक के बाद एनडीए विधायक दल की भी बैठक होगी, जिसमें सर्वसम्मति से नेता चुना जाएगा. जो जानकारी मिल रही है, उसके अनुसार प्रधानमंत्री से समय मिलने पर 18 से 20 नवंबर के बीच ही शपथ ग्रहण समारोह होगा. 22 नवंबर से पहले नई सरकार का गठन कर लेना है.

पीएम मोदी के साथ नीतीश कुमार

10वीं बार शपथ ले सकते हैं नीतीश: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिर से सीएम बनेंगे या नहीं, इसको लेकर कई तरह की चर्चा भी हो रही है लेकिन राजनीतिक विशेषज्ञ अरुण पांडे का कहना है कि नीतीश कुमार को सीएम बनाना बीजेपी के लिए मजबूरी है. इसलिए उनके सीएम नहीं बनने का कोई सवाल ही नहीं होता है. कब तक सीएम पद पर रहेंगे, यह भी कोई नहीं कह सकता है. वैसे भी एनडीए के सभी घटक दलों के नेताओं ने नीतीश कुमार को सीएम बनाने की बात कही है. ऐसे में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद की 10वीं बार शपथ लेकर रिकॉर्ड बनाएंगे, यह भी तय है.

नीतीश कुमार बन सकते हैं अगले सीएम

बन सकते हैं 36 मंत्री: बिहार में 243 विधानसभा की सीटें हैं. ऐसे में 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं. फिलहाल जेडीयू कोटे के 15, बीजेपी से 20 मंत्री और हम पार्टी से एक मंत्री हैं. इस बार 202 सीट एनडीए ने जीती है, जिसमें सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी है लेकिन जेडीयू की भी सीट लगभग दोगुनी है. साथ ही चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) के 19 विधायक हैं. उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के चार विधायक भी इस बार चुन कर आए हैं. वहीं हम के भी पांच विधायक है. एनडीए के सभी घटक दलों को मंत्रिमंडल में सम्मानजनक स्थान मिले, इस पर जेडीयू और बीजेपी नेताओं की लगातार बैठक चल रही है.

अमित शाह के साथ नीतीश कुमार

मंत्रियों के लिए तय होगा फॉर्मूला: विधानसभा चुनाव में एनडीए को 202 सीट पर जीत मिली है, उसमें से बीजेपी को 89, जेडीयू को 85, लोजपा रामविलास को 19, हम को 5 और रालोमो को चार सीट पर जीत मिली है. एनडीए घटक दल की बैठक में मंत्रियों की संख्या को लेकर कोई फॉर्मूला तय किया जाएगा और उसी के आसपास सभी दलों को हिस्सा मिलेगा. जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के विधायकों की संख्या कम है. ऐसे में एक-एक मंत्री पद से अधिक मिलने की संभावना नहीं है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

किस दल को कितना मंत्रीपद: जो जानकारी मिल रही है, उसके मुताबिक इस बार 34 मंत्री शपथ ले सकते हैं. कुछ मंत्री पद खाली रखे जाएंगे. बीजेपी से 15, जेडीयू से 14, एलजेपीआर से 3, और हम-रालोमो से एक-एक मंत्री बनाए जा सकते हैं. ऐसे में इस बार जेडीयू और बीजेपी के कई मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है. सुमित सिंह इस बार चुनाव नहीं जीत पाए हैं तो एक मंत्री पद ऐसे ही हट गया है.

चिराग पासवान के साथ नीतीश कुमार

किस-किसको मिलेगी जगह?: नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने पर बीजेपी कोटे से एक बार फिर सम्राट चौधरी उपमुख्यमंत्री बनाए जाएंगे, यह तय माना जा रहा है. वहीं अपर कास्ट से भी एक डिप्टी सीएम बनाए जाएंगे. विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी भी बीजेपी अपने पास रखना चाहेगी. जेडीयू कोटे से यदि बनने वाले मंत्रियों के नाम की बात करें तो विजेंद्र प्रसाद यादव का इस बार भी मंत्री बनना तय माना जा रहा है. उसके अलावा विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, लेसी सिंह, शीला मंडल, महेश्वर हजारी, श्याम रजक, मदन सहनी, जमा खान, जयंत राज और सुनील कुमार फिर से रिपीट हो सकते हैं.

विजय सिन्हा की बदलेगी जिम्मेदारी!: बीजेपी कोटे की बात करें तो सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मंगल पांडे, नितिन नवीन, नीतीश मिश्रा और रेणु देवी इस बार भी रिपीट हो सकते हैं. वहीं कई नए चेहरे भी देखने को मिल सकते हैं, जिसमें राम कृपाल यादव, सुनील कुमार पिंटू, श्रेयसी सिंह हो सकते हैं. उपेंद्र कुशवाहा अपनी पत्नी को मंत्री बना सकते हैं तो वही हम से संतोष सुमन फिर से मंत्री बनेंगे यह तय है. उधर चिराग पासवान अपने प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी को भी मौका दे सकते हैं.

उपेंद्र कुशवाहा के साथ नीतीश कुमार

क्या कहते हैं जानकार?: राजनीतिक विशेषज्ञ अरुण पांडे का कहना है कि नीतीश कुमार अपने कुछ ही पुराने मंत्रियों को हटाएंगे, अधिकांश को रिपीट करेंगे. बीजेपी में बड़े बदलाव हो सकते हैं. अधिक उम्र के कारण प्रेम कुमार को मंत्री नहीं बनाया सकता है, उनको दूसरी कोई जिम्मेदारी दी जा सकती है. रामकृपाल यादव को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिल सकती है. उपमुख्यमंत्री की बात करें तो सम्राट चौधरी एक बार फिर से उपमुख्यमंत्री बनेंगे, यह तय माना जा रहा है. विजय सिन्हा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. बीजेपी मंत्रिमंडल में महिलाओं की संख्या बढ़ा सकती है तो वही पिछड़ा और अति पिछड़ा पर बीजेपी का फोकस होगा, यह भी तय माना जा रहा है.

महिला मंत्रियों की बढ़ेगी संख्या: वहीं, राजनीतिक विशेषज्ञ प्रवीण बागी का कहना है कि इस बार एनडीए को महिलाओं का जबरदस्त वोट मिला है. महिलाओं ने पुरुषों के मुकाबले 9% के करीब अधिक वोटिंग की है. ऐसे में जब मंत्रिमंडल का गठन होगा तो निश्चित रूप से इस बार महिलाओं की भागीदारी सरकार में अधिक दिखेगी. अभी नीतीश मंत्रिमंडल में केवल तीन महिला मंत्री हैं. इसमें से लेसी सिंह और शीला मंडल को नीतीश कुमार ने जेडीयू कोटे से बनाया है, जबकि बीजेपी कोटे से केवल रेणु देवी एक महिला मंत्री हैं लेकिन इस बार बीजेपी कोटे से अधिक मंत्री देखने को मिल सकती हैं.

“मंत्रिमंडल के गठन में जातीय और सामाजिक समीकरण का बीजेपी और जेडीयू ख्याल रखेगी. महिला मंत्रियों की संख्या बढ़ना तय है. 6 विधायक पर एक मंत्री का फार्मूला तय हो सकता है. हम और रालोमो के विधायकों की संख्या 6 से भी कम है तो उन्हें कम से कम एक मंत्री पद मिलेगा.”- प्रवीण बागी, राजनीतिक विशेषज्ञ

संतोष कुमार सुमन के साथ नीतीश कुमार

जमा खान फिर बन सकते हैं मंत्री: 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए खेमे से एक भी मुस्लिम विधायक चुनाव नहीं जीत पाया था. नीतीश कुमार की पार्टी ने 11 मुस्लिम उम्मीदवार जरूर खड़े किए थे लेकिन कोई नहीं जीता. बाद में बसपा के विधायक जमा खान को जेडीयू में शामिल कराया और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाया था. इस बार जेडीयू ने चार मुस्लिम उम्मीदवार बनाए, जिसमें से सिर्फ जमा खान ही चैनपुर सीट से चुनाव जीते हैं. ऐसे में जमा खान का मंत्री बनना तय है.

सरकार बनाने की गतिविधि बढ़ी: चुनाव आयोग की ओर से चुनाव आचार संहिता समाप्त हो गई है और अब सरकार के गठन को लेकर भी गतिविधि में तेजी आएगी. प्रचंड जीत के बाद प्रचंड सेलिब्रेशन की भी तैयारी हो रही है. पहले भी गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होता रहा है. 2015 में महागठबंधन की सरकार ने गांधी मैदान में ही शपथ ग्रहण समारोह किया था. अब एक बार फिर से गांधी मैदान में एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण समारोह आयोजन की बात कही जा रही है, जिसमें प्रधानमंत्री भी शामिल होंगे.

Leave a Comment