बिहार चुनाव रिजल्ट के बाद आचार संहिता समाप्त कर दी गयी है. इसी बीच CM नीतीश कुमार ने सोमवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई है.

पटना: बिहार चुनाव रिजल्ट के बाद रविवार शाम 5 बजे से आचार संहिता समाप्त हो गई है. इसी बीच सीएम नीतीश कुमार ने सोमवार दो बैठकें बुलाई है. पहली बैठक जदयू विधायक दल की होगी और दूसरी कैबिनेट की बैठक होगी. संभवत: इस बैठक में विधानसभा भंग करने का फैसला लिया जाएगा.
22 नवंबर से पहले सरकार का गठन: आचार संहिता हटने के बाद प्रशासनिक गतिविधियों और शासन से जुड़े निर्णयों को अब बिना किसी रोक-टोक के आगे बढ़ाया जा सकेगा. इसके साथ ही राज्य राजनीतिक रूप से नई सरकार के गठन के लिए तैयार हो गया है. 22 नवंबर को मौजूदा सरकार का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. इससे पहले सरकार का गठन कर लिया जाएगा.
चुनाव आयोग का राज्यपाल से भेंट: आचार संहिता समाप्त होने से ठीक एक घंटे पहले, चुनाव आयोग के अधिकारियों की टीम ने राजभवन पहुंचकर महत्वपूर्ण प्रक्रिया को पूरा किया. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को सभी 243 सीटों के विजेता उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची सौंपी. इसके बाद अब राज्यपाल नई सरकार के गठन की दिशा में अगले कदम उठा सकते हैं.
सरकार बनाने के लिए अग्रिम संकेत: अब गेंद राज्यपाल के पाले में है. संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार राज्यपाल अब सबसे बड़े दल या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं. ऐसे में अगले कुछ दिनों में नई सरकार के गठन की औपचारिक घोषणा की संभावना है.
चुनाव परिणामों ने साफ किया जनादेश: 14 नवंबर को घोषित नतीजों में एनडीए गठबंधन ने 243 में से 202 सीटों पर शानदार जीत दर्ज किया. दूसरी तरफ जदयू ने अपने सभी विधायकों को पटना में रहने को कहा है. पार्टी के विधायक दल की बैठक होगी. इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 17वीं विधानसभा को भंग करने की राज्यपाल के पास सिफारिश करेंगे. फिर नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी.

एनडीए के घटक दलों का प्रदर्शन: एनडीए गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि जनता दल (यू-नाइटेड) ने 85 सीटों पर शानदार प्रदर्शन किया, लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने 19 सीटें अपने नाम कीं, हम पार्टी ने पांच और आरएलएम ने चार सीट पर जीत दर्ज की. यह परिणाम बताता है कि एनडीए ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से पकड़ बनाई है.
विपक्ष की करारी हार: महागठबंधन का नेतृत्व कर रही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) केवल 25 सीटों पर सिमटकर रह गई. कांग्रेस और वाम दल भी चुनावी मैदान में अपेक्षित परिणाम नहीं ला सके. कांग्रेस महज 6 सीट जीत सकी. वाम दल 3 सीट और आईआईपी एक सीट जीती, वहीं वीआईपी 0 पर सिमट गई. मतदाताओं ने इस चुनाव में परिवर्तन से अधिक स्थिरता को तरजीह दी, जिसका सीधा लाभ सत्तारूढ़ गठबंधन को मिला.
कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी: आचार संहिता हटते ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर गठबंधन दलों के नेताओं का आना-जाना लगातार जारी है. सूत्रों के अनुसार, एनडीए अगले कुछ दिनों में सरकार गठन की रणनीति को अंतिम रूप देने वाला है. इसको लेकर प्रशासनिक तैयारी भी शुरू हो गयी है.







