पटना में बालू माफियाओं ने खनन विभाग की टीम के जवानों पर गाड़ी चढ़ा दी. एक जवान की मौत हो गई, दूसरा गंभीर है.

पटना: बिहार की राजधानी पटना में बालू माफियाओं का आतंक देखने को मिला. पालीगंज अनुमंडल के दुल्हिनबाजार थाना क्षेत्र में बीती रात खनन विभाग की टीम पर बालू माफियाओं ने हमला कर दिया. अवैध खनन के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था, उसी दौरान माफियाओं ने सैप जवानों पर स्कॉर्पियो चढ़ाकर रौंद दिया. घटना में एक जवान की मौत हो गई है, जबकि दूसरे जवान की स्थिति नाजुक बनी हुई है.
बालू माफियाओं का तांडव: गंभीर रूप से घायल जवान का अस्पताल में इलाज जारी है. जानकारी के अनुसार, काब गांव के पास खनन विभाग की टीम अवैध बालू लदे वाहनों की चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान एक ट्रैक्टर को रोका गया. जांच के बाद पता चला कि ट्रैक्टर में अवैध बालू लेकर जा रहा था. सैप जवान जब ट्रैक्टर को जब्त कर थाना लेकर आ रहे थे. तब ट्रैक्टर मालिक और उसके साथियों ने जवानों से मारपीट शुरू कर दी.
स्कॉर्पियो से जवानों को रौंदा: मारपीट के बाद आरोपी स्कॉर्पियो लेकर भागने लगे और भागते समय जानबूझकर सैप जवानों को कुचल दिया. इस हादसे में दो जवान बुरी तरह से जख्मी हो गए. जानकारी के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को पीएमसीएच लाया गया. इलाज के दौरान एक जवान ने दम तोड़ दिया. मृतक जवान की पहचान दुखहरन पासवान के रूप में हुई है.

रात को करीब 12:30 बजे के आसपास से पुलिस को सूचना मिली कि दुल्हिनबाजार थानाक्षेत्र के काब गांव के पास जिला खनन विभाग के तरफ से चेकिंग के दौरान एक बालू लदा ट्रैक्टर को जब्त किया गया. ट्रैक्टर को थाना लाया जा रहा था. तभी स्कार्पियो सवार ने रोका और दो जवान के साथ मारपीट करने लगे. मारपीट के दौरान स्कार्पियो सवार ने दोनों जवान को कुचल दिया. एक जवान की मौत हो गई जबकि एक जवान घायल है.“- सोनू कुमार थानाध्यक्ष
स्कॉर्पियो जब्त, सभी आरोपी फरार: घायल जवान की पहचान लक्ष्मण सिंह के रूप में हुई है. घटना के बाद पुलिस ने हमले में शामिल स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है. हालांकि, वाहन में सवार सभी आरोप फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश के लिए छापेमारी कर रही है.

लोगों में नाराजगी: वहीं स्थानीय लोगों में ऐसी घटनाओं को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है. उनका कहना है कि बालू माफिया खुलेआम बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. बेखौफ होकर अवैध खनन किया जा रहा है. इस तरह की वारदातों को रोकने के दौरान अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों पर हमले की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं.







